आखिरकार एक बार फिर मध्य प्रदेश की किस्मत का फैसला केंद्र से हो गया और मध्य प्रदेश के ऊपर नए प्रशासनिक सरताज के प्रमुख सचिव पद पर 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन की नियुक्ति हो चुकी है अब पूरा प्रशासनिक ढांचा अनुराग जैन के ही इशारों पर चलेगा और अनुराग जैन के पास प्रतिभाओं की भरमार है ।
मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन की उपलब्धियों की फेहरिस्त बड़ी लंबी है। उन्होंने अलग-अलग पद पर रहकर अपनी करीब 35 साल लंबी सेवा में जैन ने जिन भी विभागों या मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली एक अलग ही ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन धन योजना, इनका श्रेय अनुराग जैन को ही जाता है। फिर पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के लिए अनुराग जैन को अप्रैल 2023 में एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के क्षेत्र में पीएम अवॉर्ड भी मिल चुका है। अब देखना यह है कि अनुराग जैन मध्य प्रदेश की नय्या को कैसे संभालते हैं। क्योंकि मध्य प्रदेश पर एक तरफ प्रतिमाह लाडली बहनों की जिम्मेदारियां हैं तो वहीं दूसरी तरफ निरंतर चल रहे विकास कार्यों के रुके हुए पेमेंट वहीं तीसरी और देखा जाए तो प्रदेश पर बढ़ता हुआ कर्ज भी संभालना एक चैलेंज कार्य की तरह होगा।
1989 बैच के आईएएस अफसर अनुराग जैन का परिचय
अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस अफसर हैं। आईएएस अनुराग जैन का जन्म 11 अगस्त 1965 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। आईआईटी खड़गपुर से उन्होंने इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बीटेक (ऑनर्स) किया और फिर सेवा काल के दौरान ही अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ सिरैक्यूज से एमए (पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) की डिग्री हासिल की। लंबे-चौड़े प्रशासनिक अनुभव वाले सीएस को खेलकूद का भी बहुत शौक है। अनुराग जैन की पहली पोस्टिंग जून 1990 में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर सागर में हुई। फिर खुरई, कांकेर (अब छत्तीसगढ़), छिंदवाड़ा, दुर्ग (अब छत्तीसगढ़) में विभिन्न भूमिकाओं का निर्वहन किया। जुलाई 1997 में उन्हें पहली बार कलेक्टर के तौर पर मंडला का चार्ज मिला। फिर मंदसौर और भोपाल में भी कलेक्टर रहे।
मध्य प्रदेश केडर के अनुराग जैन 30 मई 2020 से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे। अनुराग जैन पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बार सचिव रह चुके हैं और वे पीएमओ में संयुक्त सचिव भी रह चुके हैं। वित्त प्रबंधन में अनुराग जैन विशेषज्ञ हैं। साल 2019 में कमलनाथ की सरकार में उन्हें वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौपी गई थी। इसके बाद केंद्र ने उन्हें दिल्ली बुला लिया था। अनुराग जैन का मध्य प्रदेश मुख्य सचिव के रूप में कार्यकाल अगस्त 2025 तक रहेगा।
पीएम नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद माने जाते हैं प्रमुख सचिव जैन
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें सबसे अहम रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी। 1 जनवरी 2015 से वे प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं। 28 जुलाई 2018 से वे म.प्र. सरकार के वित्त विभाग में प्रमुख सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं और विशेष आयुक्त (समन्वय), म.प्र. भवन, नई दिल्ली के विशेष अधिकारी भी हैं। अनुराग जैन ने मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस डिलीवरी एक्ट को लागू करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। केंद्र के गति शक्ति मास्टर प्लान में उनका अहम योगदान था। वे दिसंबर 2013 से जनवरी 2014 तक इम्पोर्ट एक्सपोर्ट बैंक के कार्यवाहक अध्यक्ष और कार्यवाहक प्रबंध निदेशक भी रहे हैं। माना जा रहा है कि अनुराग जैन पीएम के काफी करीबी माने जाते हैं, इसलिए उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौपी गई है।
