इंदौर :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, इंदौर शहर में जल जमाव एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टर श्री आशीष सिंह एवं आयुक्त श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सिटी बस ऑफिस में आयोजित की गई। बैठक में एडिशनल सीपी श्री अमित सिंह, एसडीएम, अपर आयुक्त श्री दिव्यांक सिंह, श्री अभिलाष मिश्रा, श्री अभय राजनगांवकर, समस्त विभाग प्रमुख, समस्त जोनल अधिकारी, नगर निगम, पुलिस प्रशासन, यातायात विभाग एवं इंदौर विकास प्राधिकरण के पदाधिकारियों एवं अन्य उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह एवं आयुक्त श्री वर्मा ने शहर के प्रमुख चौराहों और उन स्थानों का गहन समीक्षा की, जहाँ जल जमाव की समस्या उत्पन्न होती है। इनमें विजय नगर चौराहा, सत्य साईं चौराहा, रॉबर्ट चौराहा, सयाजी चौराहा, इंडस्ट्री हाउस चौराहा, एलआईजी चौराहा, तीन इमली चौराहा, खजराना ब्रिज, पलसीकर चौराहा, मधु मिलन चौराहा, चंदन नगर चौराहा, न्याय नगर, बीआरटीएस तथा अन्य स्थान शामिल हैं।
कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में अधिक वर्षा के दौरान जल निकासी के साथ यातायात को सुचारू बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि विजयनगर चौराहे पर जल जमाव की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों से जानकारी लेने पर झोनल अधिकारी ने बताया की रेडिसन चौराहे की ओर से आने वाला पानी ढलान के कारण विजयनगर चौराहे पर एकत्रित होता है, और जल निकासी धीरे-धीरे होती है, जिसके कारण यातायात भी प्रभावित होता है। इसके साथ ही बीआरटीएस, एबी रोड पर जल जमाव का मुख्य कारण रिंग रोड के विभिन्न क्षेत्रों से पानी का बीआरटीएस की ओर बढ़ता है। इस समस्या के समाधान हेतु रिंग रोड का पानी डाइवर्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, वेलोसिटी के पास नाले पर अतिक्रमण के कारण जल निकासी में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस समस्या के निवारण के लिए अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कलेक्टर श्री सिंह एवं आयुक्त श्री वर्मा ने वर्षा काल के दौरान जल जमाव की समस्या से निपटने के लिए स्टांप वाटर लाइन और चेंबर निर्माण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां स्टांप वाटर लाइन नहीं है, वहां स्टांप वाटर लाइन डालें और जहां लाइन है, वहां चेंबर निर्माण तथा सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। शहर के नालों के पास जल निकासी की सुविधा को भी सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
अंत में, कलेक्टर श्री सिंह ने समस्त एसडीएम और रेवेन्यू ऑफिसर को शहर के पुराने नालों की वर्तमान स्थिति का रिकॉर्ड चेक करने और नालों पर से अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।