इंदौर :- डॉक्टर मरीज के लिए भगवान का रूप कहा जाता है और ये डॉक्टर किसी सरकारी विभाग में नौकरी करते करते अन्य किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में भी नौकरी करते हैं जो की नियम के विरुद्ध है ऐसा ही ए मामला मध्य प्रदेश के देवास जिले में शासकीय महात्मा गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल का आया है जिसमे सर्जिकल ऑपरेशन थियेटर की नर्सिंग स्टाफ नर्स संध्या कटारा जो सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ा रही हैं। इनका प्रतिमाह वेतन 80,000 रुपए है तथा शासकीय कर्मचारी होने के साथ भी इंदौर के विजय नगर स्थित भंडारी हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में भी लेबर रूम में प्राइवेट नौकरी भी कर रही है। वह यहां पर डे और नाइट की दोनो टाइम की ड्यूटी करती है ऐसा कहा जा सकता है की लोगो को सरकारी नोकरी मिलती नहीं है और जिसको मिलती है यह नोकरी ये साथ दो जगह काम करता है सरकारी व प्राइवेट भी जब इस मामले में देवास कलेक्टर को 31 जुलाई 2024 को लिखित रूप से शिकायत हुई थी जिसमे जिला कलेक्टर द्वारा मामले को देवास सी. एच.एम.ओ. मैडम एवं सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक खरे के पास जांच के लिए भेजा गया था तब दोनो अधिकारीयो के द्वारा बताया गया की ऐसा कोई मामला हमारे हॉस्पिटल में नहीं आया है। अगर आएगा तो हम तुरंत करवाही करेगे सी. एच.एम.ओ. मैडम एवं सिविल सर्जन व हॉस्पिटल का पुरा स्टाफ मैडम को बचाने में लगा हुआ है संध्या कटारा दिन में सरकारी हॉस्पिटल में और शाम को इंदौर के प्राइवेट हॉस्पिटल में नाइट ड्यूटी करती है जो नियम के विरुद्ध है जब इस बात का पता लगाने हमारी टीम हॉस्पिटल गई तो न तो सिविल सर्जन सिर मिले व और न सीएचएम ओ मैडम मिले हॉस्पिटल के स्टॉप द्वारा बताया गया की मैडम किसी मीटिंग में बैठे हैं आज उनसे आपकी मूलाकत नहीं हो पाएगी ।
विशेष :- पत्रकारों द्वारा सिर्फ संध्या नाम बताया गया था परंतु सी. एम्. एच. ओ. के विशेष अधिकारी उस नर्सिंग स्टाफ नर्स का पूरा नाम बताया गया इस से यही प्रतीत होता है की पूरा प्रशासन इस बात को जनता है और इसको दबाने की सोच रहा है एवं सी. एम. एच. ओ. तथा सिविल सर्जन की जानकारी में संध्या कटारा अवैधानिक रूप से दो दो जगह नौकरी कर रही है।